ओ.पी.जी.विद्यालय में 27 अप्रैल को एक बौद्धिक और उत्साहवर्धन वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन कक्षा नवीं व दसवीं के लिए किया गया, जिसका विषय 'लोकतंत्र में मीडिया स्वतंत्र है' रखा गया था। इस प्रतियोगिता में विद्यालय के चारों सदनों—लाल, नीले, पीले और हरे—ने अपनी सक्रिय भागीदारी निभाई। प्रत्येक सदन से दो-दो विद्यार्थियों ने पक्ष और विपक्ष में खड़े होकर अपनी शोध क्षमता और वाक्-चातुर्य का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। प्रतिभागियों ने न केवल ठोस तथ्यों के साथ अपने तर्क प्रस्तुत किए, बल्कि प्रश्न-उत्तर सत्र के दौरान एक-दूसरे के विचारों को तार्किक चुनौती भी दी।
इस प्रतियोगिता के सफल संचालन में निर्णायक मंडल की भूमिका प्रीति चिकारा मैम और मधु मैम ने निभाई, जिन्होंने विद्यार्थियों की प्रस्तुति और तर्क शक्ति का बारीकी से मूल्यांकन किया। गहन विचार-विमर्श के बाद, हरे सदन के अर्जुन (दसवीं ए) को उनकी शानदार वक्तृत्व कला के लिए प्रथम स्थान पर चुना गया, जबकि नीले सदन की काश्वी (दसवीं ए) ने अपने प्रभावशाली तर्कों के बल पर द्वितीय स्थान प्राप्त किया। विद्यालय के इस मंच ने विद्यार्थियों को सामयिक विषयों पर सोचने और अपनी बात स्पष्टता से रखने का बेहतरीन अवसर प्रदान किया।