"शब्दों में सामर्थ्य है, विचारों में उड़ान है, साहित्य ही हमारे समाज की असली पहचान है।"
ओ पी जे वर्ल्ड स्कूल में दो दिवसीय अंतर-विद्यालयी साहित्यिक उत्सव 'लिट ओडिसी' का भव्य आयोजन 14 और 15 जुलाई 2026 को किया गया, जिसमें क्षेत्र के लगभग 9 से 10 प्रतिष्ठित स्कूलों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई। यह आयोजन छात्रों की भाषाई क्षमता, तार्किक सोच और रचनात्मक अभिव्यक्ति को निखारने का एक बेहतरीन मंच साबित हुआ। उत्सव के पहले दिन (14 जुलाई) अंग्रेजी भाषा की प्रतियोगिताओं का दबदबा रहा, जिसमें 'डिबेट' (वाद-विवाद), 'बुक रिव्यू' (पुस्तक समीक्षा) और 'सोलिलुक्यू' (आत्मभाषण) जैसी प्रतियोगिताएँ आयोजित की गईं और इनमें मुख्य जज के रूप में डॉ. गीतिका और पियाशा मैम ने निर्णायक की भूमिका निभाई। वहीं उत्सव के दूसरे दिन (15 जुलाई) का सत्र पूरी तरह हिंदी साहित्य के रंग में रंगा नजर आया, जिसके तहत गौतम चौबे द्वारा रचित पुस्तक 'चक्का जाम' पर गहन 'पुस्तक चर्चा' हुई, जिसका कुशल मूल्यांकन डॉ. जसवीर सिंह त्यागी ने किया। इसी दिन हास्य पुट पर आधारित 'दास्तानगोई' प्रतियोगिता में श्रीमती. श्रद्धा गुप्ता ने निर्णायक का दायित्व संभाला, जबकि हिंदी वाद-विवाद (डिबेट) प्रतियोगिता में डॉ. अर्चना त्रिपाठी जज के रूप में उपस्थित रहीं। इस बार हिंदी डिबेट को अधिक चुनौतीपूर्ण और मुश्किल बनाया गया था क्योंकि छात्रों को प्रतियोगिता से मात्र एक घंटे पहले 'तात्कालिक विषय' दिया गया था, लेकिन इस कठिन परीक्षा में भी बच्चों ने अपने शानदार तर्कों, त्वरित सोच और उत्कृष्ट संवाद कला के माध्यम से मंच पर बेहतरीन प्रस्तुति दी। संक्षेप में, यह कला उत्सव बेहद सफल रहा जिसने न केवल विद्यार्थियों के भाषाई और खोजपरक कौशल का विकास किया, बल्कि यह भी साबित कर दिया कि वे सभी अत्यंत कुशल वक्ता और संवादकर्ता हैं।